{"product_id":"libaas-gunaah-ki-nai-silaai","title":"LIBAAS : GUNAAH KI NAI SILAAI","description":"\u003cp\u003eAuthor : Baidehi Priyanka Yadav\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eLIBAAS \u003cbr\u003eएक रहस्य, कई पहचानें और मोहब्बत के पीछे छिपा सच\u003cbr\u003eइंसान की पहचान क्या है—उसका नाम, उसका चेहरा, उसकी यादें या उसका अतीत? और अगर किसी व्यक्ति से उसकी पहचान ही छीन ली जाए, तो क्या वह फिर भी वही इंसान रह जाता है?\u003cbr\u003e‘लिबास’ एक रहस्य, अपराध, रोमांस और मनोवैज्ञानिक रोमांच से बुना गया उपन्यास है, जहाँ हर चेहरा एक सवाल है, हर रिश्ता अपने भीतर एक अनकहा सच छिपाए हुए है और हर सुराग एक ऐसे अतीत की ओर ले जाता है, जिसे किसी ने बड़ी सावधानी से मिटाने की कोशिश की है।\u003cbr\u003eकहानी के केंद्र में हैं एसीपी आदित्य राठौड़ और मीरा सेन। आदित्य एक ऐसा पुलिस अधिकारी है, जिसकी अपनी यादें ही उसके लिए सबसे बड़ी पहेली बन जाती हैं। छह साल पुराने अतीत की धुँधली परछाइयाँ उसका पीछा करती हैं, जबकि वर्तमान में सामने आ रहे अपराध एक ही रहस्यमय निशान की ओर इशारा करते हैं—काला रेशमी धागा। दूसरी ओर, मीरा के जीवन में मोहब्बत और बदले के बीच खिंची एक ऐसी रेखा है, जिसके पार जाने की कीमत केवल दूसरों को नहीं, उसे स्वयं भी चुकानी पड़ती है।\u003cbr\u003eजैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ती है, आदित्य और मीरा की ज़िंदगियाँ एक ऐसे रहस्यमय नेटवर्क से जुड़ती जाती हैं, जो इंसानों की पहचान को मिटाने, बदलने और उन्हें एक नई ज़िंदगी के भीतर छिपा देने की क्षमता रखता है। लेकिन इस खेल में असली अपराधी कौन है? कौन किसी और के नाम से जी रहा है? और कौन-सी सच्चाई ऐसी है, जिसे सामने आने से रोकने के लिए पूरा तंत्र सक्रिय है?\u003cbr\u003e‘लिबास’ केवल अपराधियों की तलाश या एक प्रेम कहानी नहीं है। यह विश्वास, प्रतिशोध, स्मृतियों, पहचान और मानवीय रिश्तों की उन जटिल परतों की पड़ताल करता है, जहाँ सही और गलत के बीच का अंतर धुँधला पड़ने लगता है। यहाँ मोहब्बत सुकून भी देती है और सबसे गहरी चोट का कारण भी बनती है; अतीत रास्ता भी दिखाता है और कभी-कभी वर्तमान को पूरी तरह बदल देने की ताकत भी रखता है।\u003cbr\u003eजब कहानी अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँचती है, तब कुछ सवालों के जवाब मिलते हैं, लेकिन एक नया रहस्य सामने आ खड़ा होता है—सब्जेक्ट ०७। इसके साथ ही यह एहसास गहरा हो जाता है कि पहचान बदलने का खेल शायद अभी समाप्त नहीं हुआ है।\u003cbr\u003eक्योंकि कभी-कभी इंसान अपना चेहरा नहीं बदलता, दुनिया की नज़रों में अपनी पूरी पहचान बदल देता है। और सबसे ख़तरनाक लिबास वह होता है, जिसके भीतर छिपे सच को पहनने वाला भी पूरी तरह नहीं जानता।\u003cbr\u003eलिबास उन पाठकों के लिए है जो रहस्य और रोमांच के साथ भावनात्मक गहराई, अप्रत्याशित मोड़ और ऐसी कहानी पसंद करते हैं, जिसके सवाल किताब बंद करने के बाद भी मन में बने रहें।\u003c\/p\u003e","brand":"Evincepub Publishing","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50785949122699,"sku":"bookE4549P","price":333.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0696\/5320\/1035\/files\/1792232792.jpg?v=1792233781","url":"https:\/\/evincepubbooks.com\/products\/libaas-gunaah-ki-nai-silaai","provider":"Evincepub Publishing","version":"1.0","type":"link"}